मंगलवार, 11 जनवरी 2011

क्यूँ ना ...बात !!!

क्यूँ ना कोई ऐसी बात करें ,हो जो बिलकुल सीधी सादी

पूरी बात समझ ना आयी ,तो आ जाये आधी-साधी ।

उम्मीद पूरी हो जाये जो रह गयी अबके अधूरी ,

आगे जो वक्त आये कर दे उम्मीदें पूरी ॥

ये सब बातें कर ..सकते हैं
चलते-चलते यूँ ही ... ॥

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